दिल्ली में BRICS का हाई अलर्ट! 30 हजार जवानों का सुरक्षा घेरा, जिनपिंग-पुतिन की सुरक्षा में एजेंसियां अलर्ट

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026। भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले राजधानी दिल्ली हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील हो गई है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन में दुनिया के कई शीर्ष नेता और हाई-प्रोफाइल विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।
BRICS Summit को लेकर दिल्ली में सुरक्षा का अभूतपूर्व बंदोबस्त किया गया है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 30 हजार जवान सुरक्षा मोर्चे पर तैनात किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर VVIP होटलों और भारत मंडपम तक सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ा घेरा तैयार किया है।
30 हजार जवान, चप्पे-चप्पे पर नजर
BRICS सम्मेलन में कई राष्ट्राध्यक्षों, सरकार प्रमुखों, मंत्रियों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा तैनाती की है। करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों में लगभग आधे दिल्ली पुलिस के जवान हैं, जबकि बाकी अर्धसैनिक बलों के जवान हैं।
एयरपोर्ट, VVIP होटलों, भारत मंडपम और इनसे जुड़े महत्वपूर्ण रूट पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। VVIP मूवमेंट के दौरान संवेदनशील इलाकों में निगरानी और सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है।
VVIP मूवमेंट से ट्रैफिक पर असर
स्पेशल CP (Protective Security Division) मनीष कुमार अग्रवाल के मुताबिक, कई राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख, मंत्री और विदेशी प्रतिनिधिमंडल BRICS Summit में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों और ट्रैफिक पुलिस के बीच समन्वय बनाया गया है। हालांकि VVIP मूवमेंट के दौरान जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक डायवर्जन और अस्थायी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले जारी ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें और उसी के अनुसार अपना रूट प्लान करें।
राष्ट्राध्यक्षों के रूट का पूरा सर्वे
BRICS Summit की सुरक्षा तैयारियों में केंद्र सरकार की कई एजेंसियां शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, NSG, IB, ITBP और सभी CAPF के साथ लगातार समन्वय किया है।
जिन रास्तों से राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख गुजरेंगे, उनका बड़े पैमाने पर सुरक्षा सर्वे किया गया है। मकसद VVIP मूवमेंट को सुरक्षित रखने के साथ आम जनता को होने वाली परेशानी को न्यूनतम करना है।
VVIP होटलों में भी कड़ा पहरा
विदेशी नेताओं और VVIP मेहमानों के ठहरने वाले प्रमुख होटलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खासतौर पर चाणक्यपुरी क्षेत्र के हाई-प्रोफाइल होटलों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
द लीला पैलेस, द ललित नई दिल्ली, ITC मौर्य, ताज पैलेस, द ओबेरॉय और द इंपीरियल जैसे प्रमुख होटलों में प्रवेश-निकास, ग्राउंड फ्लोर और छतों तक निगरानी बढ़ाई गई है।
जिनपिंग-पुतिन की सुरक्षा पर खास फोकस
BRICS Summit में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
चीन और रूस की सुरक्षा टीमें भी भारत पहुंच चुकी हैं और संभावित ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति के संभावित ठिकाने पर अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
भारत मंडपम में होगा 18वां BRICS Summit
12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाला 18वां BRICS शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के अलावा सहयोगी और आउटरीच देशों के प्रतिनिधि तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े गणमान्य लोग भी शामिल होंगे।
विदेशी मेहमानों के लिए खास भारतीय मेन्यू
सुरक्षा और प्रोटोकॉल के साथ विदेशी मेहमानों के खान-पान का भी खास इंतजाम किया गया है। मेन्यू में रागी डोसा, बाजरा उपमा, मिलेट पोंगल, गुजराती और राजस्थानी थाली, दक्षिण भारतीय व्यंजन, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी, अवधी कबाब और तंदूरी व्यंजन जैसे भारतीय स्वाद शामिल किए जाने की तैयारी है।
शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग-अलग विकल्प रखे जाएंगे। विदेशी मेहमानों की पसंद और जरूरत के अनुसार विशेष शेफ की व्यवस्था भी की जा रही है।
BRICS Summit 2026 को लेकर दिल्ली में सुरक्षा, ट्रैफिक, VVIP मूवमेंट और मेहमानों के ठहरने तक हर स्तर पर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। राजधानी में 30 हजार जवानों की तैनाती इस हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन की सुरक्षा के पैमाने को साफ तौर पर दिखाती है।
